Salary Calculation Formula – सैलरी कैलकुलेशन फॉर्मूले में इस बार जो बदलाव आया है, वह लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। सरकार द्वारा जारी किए गए नए पे स्ट्रक्चर के अनुसार, अब बेसिक सैलरी की गणना ₹1,51,100 से बढ़ाकर ₹2,90,112 तक की जा रही है। इससे ना केवल कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी में जबरदस्त इजाफा होगा, बल्कि इनकम टैक्स में भी ₹75,012 तक की बचत संभव हो सकेगी। यह बदलाव 8th Pay Commission के संभावित प्रभावों के तहत देखा जा रहा है और इसका असर सीधे ग्रेड पे, HRA, TA और अन्य भत्तों पर भी होगा। साथ ही, नई व्यवस्था के तहत स्लैब वाइज टैक्स छूट और डिडक्शन के नियम भी बदल सकते हैं। कर्मचारियों को सैलरी कैलकुलेशन के नए नियमों को समझना बेहद जरूरी है ताकि वह अपने PF, DA और अन्य कटौतियों को लेकर सही प्लानिंग कर सकें और टैक्स में बचत का अधिकतम लाभ उठा सकें।

नया सैलरी कैलकुलेशन फॉर्मूला क्या है?
नई सैलरी संरचना में सबसे बड़ा बदलाव बेसिक पे की गणना में किया गया है। जहां पहले ग्रुप A से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का बेसिक ₹1,51,100 था, अब यह सीधे ₹2,90,112 तक पहुंचाया गया है। इसका अर्थ यह है कि कुल सैलरी में करीब दोगुना इजाफा हो सकता है। इसके तहत महंगाई भत्ता (DA), HRA और अन्य अलाउंस भी ऑटोमैटिकली बढ़ जाएंगे, क्योंकि ये सभी बेसिक सैलरी के प्रतिशत पर आधारित होते हैं। इसके अलावा, जिन कर्मचारियों की सैलरी नई स्लैब के तहत आएगी, उनके टैक्स दायरे में भी बदलाव आएगा और उन्हें पुराने मुकाबले ज्यादा टैक्स छूट मिल सकेगी। इससे उनकी नेट इन-हैंड सैलरी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
टैक्स में ₹75,012 तक की बचत कैसे?
बेसिक बढ़ने के साथ ही टैक्सेबल इनकम का ढांचा भी बदला है। लेकिन राहत की बात यह है कि नए फॉर्मूले में कई कटौतियों को फिर से रीडिजाइन किया गया है। खासकर HRA, 80C, 80D और स्टैंडर्ड डिडक्शन के तहत छूट बढ़ने की संभावना है। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी की सालाना आय ₹12 लाख से बढ़कर ₹18 लाख हो जाती है, तो नए स्लैब और डिडक्शन फॉर्मूले के कारण उसे ₹75,012 तक का टैक्स बेनिफिट मिल सकता है। इसका असर हर महीने मिलने वाली सैलरी पर भी दिखेगा और कर्मचारियों को इन-हैंड ज्यादा अमाउंट मिलेगा। खासकर मिड और सीनियर लेवल पर इसका लाभ सबसे ज्यादा दिखेगा।
किन कर्मचारियों को मिलेगा सबसे ज़्यादा फायदा?
जिन कर्मचारियों की सैलरी पहले से ही ₹1.5 लाख से ऊपर है, उन्हें इस नए फॉर्मूले से सबसे अधिक लाभ मिलेगा। खासकर ग्रुप A, B और C के उन कर्मचारियों को जो केंद्रीय वेतन आयोग की स्केल पर आते हैं, उन्हें महंगाई भत्ते के साथ-साथ विशेष भत्तों में भी बड़ा इजाफा मिलेगा। इसके अलावा, जिन कर्मचारियों ने अपने PF, NPS और LIC प्रीमियम में निवेश किया है, उन्हें इनकम टैक्स डिडक्शन के जरिए डबल फायदा मिलेगा। वहीं युवा कर्मचारियों के लिए भी यह एक मौका है कि वे जल्दी निवेश की शुरुआत करके टैक्स बचत और रिटायरमेंट प्लानिंग को मजबूत कर सकें।
नई सैलरी गणना से जुड़ी जरूरी बातें
नई सैलरी कैलकुलेशन को समझने के लिए कर्मचारियों को अपना पे-स्लिप और सैलरी ब्रेकअप ध्यान से देखना चाहिए। HRMS पोर्टल या PF स्टेटमेंट के माध्यम से बेसिक, DA, HRA, ग्रेच्युटी और अन्य कंपोनेंट्स को समझना जरूरी है। अगर आपकी बेसिक सैलरी में बदलाव हुआ है तो उसी अनुपात में अन्य भत्ते और टैक्सेबल इनकम भी बदलती है। साथ ही, इनकम टैक्स की नई छूटों के लिए सही डॉक्युमेंटेशन और डिक्लेयरेशन भी आवश्यक होगा। कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे सैलरी रिवाइज होने पर किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स एडवाइजर से सलाह लेकर टैक्स फॉर्मूले के अनुसार अधिकतम लाभ प्राप्त करें।
