Aurangabad New Railway Line – बिहार के औरंगाबाद जिले के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। रेलवे विभाग ने जिले में एक नई रेलवे लाइन बिछाने की योजना को मंजूरी दे दी है और इस पर काम भी शुरू हो गया है। इस नई लाइन के माध्यम से औरंगाबाद को राज्य के अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रा का समय कम होगा और स्थानीय लोगों को यातायात की बेहतर सुविधा मिलेगी। इस प्रोजेक्ट से न केवल औरंगाबाद जिले की कनेक्टिविटी सुधरेगी, बल्कि आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी क्योंकि इससे व्यापार, परिवहन और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। रेलवे मंत्रालय की इस पहल को विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, और यह भी उम्मीद की जा रही है कि परियोजना समय से पहले पूरी की जाएगी।

बिहार के औरंगाबाद से देव और अन्य इलाकों तक पहुंचेगी नई रेलवे लाइन
बिहार के औरंगाबाद जिले में प्रस्तावित नई रेलवे लाइन को देव और आसपास के क्षेत्रों से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय गांवों और कस्बों को भी रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जा सके। यह लाइन करीब 60 किलोमीटर लंबी होगी और इसका निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में औरंगाबाद से देव तक की दूरी को कवर किया जाएगा और दूसरे चरण में इसे आगे अन्य जिलों से जोड़ा जाएगा। रेलवे मंत्रालय द्वारा इस परियोजना को केंद्र सरकार की “रूरल कनेक्टिविटी मिशन” के अंतर्गत रखा गया है ताकि ग्रामीण इलाकों को रेल सेवा से जोड़ा जा सके।
रेलवे लाइन निर्माण से औरंगाबाद जिले में होंगे कई आर्थिक फायदे
नई रेलवे लाइन के निर्माण से औरंगाबाद जिले की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की संभावना है। वर्तमान में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों तक पहुंचने में काफी समय और धन खर्च होता है, लेकिन इस लाइन के शुरू होते ही लोगों को सस्ती, तेज और सुरक्षित यात्रा सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, आसपास के गांवों में छोटे व्यापारी और किसान अब अपने उत्पादों को आसानी से शहरों की मंडियों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर दाम मिलेंगे और उनकी आमदनी बढ़ेगी। रेलवे स्टेशन बनने से आस-पास के इलाकों में दुकानें, ढाबे, परिवहन सेवाएं और अन्य छोटे व्यवसाय भी शुरू होंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे।
रेलवे मंत्रालय ने जारी की योजना की टाइमलाइन और बजट
रेलवे मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस नई रेलवे लाइन परियोजना का कुल बजट लगभग ₹580 करोड़ निर्धारित किया गया है। पहले चरण का काम 2025 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें आधारभूत ढांचे जैसे रेलवे ट्रैक, छोटे स्टेशन, सिग्नल सिस्टम और सुरक्षात्मक दीवारों का निर्माण शामिल है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि काम को तेज गति से पूरा करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा और सभी निर्माण कार्य केंद्रीय पथ निर्माण एजेंसी के निगरानी में होंगे। हर तिमाही में प्रगति की रिपोर्ट भी जारी की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
नई रेलवे लाइन के फैसले को लेकर औरंगाबाद जिले की जनता में खुशी की लहर है। वर्षों से लोग रेलवे कनेक्टिविटी की कमी को लेकर शिकायत कर रहे थे, जो अब जाकर पूरी होने जा रही है। स्थानीय सांसद और विधायकों ने इस प्रोजेक्ट को लेकर केंद्र सरकार का आभार जताया है और इसे “ऐतिहासिक कदम” बताया है। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि यह केवल एक रेलवे प्रोजेक्ट नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास की नींव है। उन्होंने यह भी मांग की है कि रेलवे लाइन के साथ एक बड़ा स्टेशन बनाया जाए, जिससे और भी रूट्स की ट्रेनें इस मार्ग से होकर गुजर सकें।
