Pension Increase – दिवाली से ठीक पहले पेंशनर्स के लिए माहौल बेहद उत्साहजनक हो गया है, क्योंकि चर्चा तेज है कि EPFO पेंशन राशि में सीधे ₹2,500 तक की बढ़ोतरी पर अंतिम मुहर लगा सकता है। अगर यह अपडेट लागू होता है, तो लाखों रिटायर कर्मचारियों की मासिक आय में तुरंत राहत मिलेगी, जिससे दवा-इलाज, किराना और बिजली बिल जैसे जरूरी खर्च संभालना आसान होगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबी महँगाई और स्थिर आय के बीच यह बढ़ोतरी “लाइफलाइन” साबित हो सकती है। नए प्रस्ताव में बेसिक पेंशन को न्यूनतम सीमा के ऊपर ले जाने, साथ ही कुछ श्रेणियों—जैसे उच्च सेवा-वर्ष या कम वेतन-बेस वाले योगदानकर्ताओं—को अतिरिक्त राहत देने की बात सामने आती रही है। ध्यान रहे, आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना और विस्तृत सर्कुलर आने के बाद ही अंतिम नियम स्पष्ट होंगे।

EPFO पेंशन बढ़ोतरी का संभावित स्ट्रक्चर: किन्हें कितना लाभ?
प्रस्तावित ढांचे के अनुसार बढ़ोतरी दो तरह से दिख सकती है—पहला, सभी पात्र पेंशनर्स के लिए एक समान “फ्लैट” इजाफा; दूसरा, सेवा-वर्ष, वेज कैप और योगदान इतिहास के आधार पर स्लैब-वाइज लाभ। उदाहरण के लिए, 10–15 वर्ष सेवा वाले पेंशनर्स को ₹1,000–₹1,500 तक बढ़ोतरी, जबकि 20+ वर्ष सेवा वालों के लिए ₹2,000–₹2,500 तक का लाभ संभव बताया जा रहा है। साथ ही, जिनका वेतन-बेस ऐतिहासिक रूप से कम रहा है, उन्हें न्यूनतम पेंशन थ्रेसहोल्ड के ऊपर ले जाने के विकल्प पर भी चर्चा होती रही है, ताकि महँगाई के दबाव में वास्तविक क्रय-शक्ति बनी रहे। हालांकि, यह सभी अनुमान तब तक “प्राविजनल” माने जाएँगे जब तक EPFO आधिकारिक परिपत्र जारी न करे।
भुगतान कब और कैसे आएगा: टाइमलाइन, KYC और प्रक्रिया
भुगतान टाइमलाइन सामान्यत: अधिसूचना के 1–2 पे-साइकल बाद दिखाई देती है, ताकि फील्ड कार्यालयों, पेंशन डिस्बर्सिंग बैंकों और सेंट्रल सिस्टम में कॉन्फ़िगरेशन पूरा हो सके। इसलिए, पेंशनर्स को UAN से जुड़ा बैंक खाता सक्रिय रखना, आधार-सीडिंग, PAN/KYC, और e-nomination को “अप-टू-डेट” रखना चाहिए। उमंग ऐप, EPFO Member Portal और बैंक की नेटबैंकिंग/ब्रांच के जरिए पेंशन क्रेडिट-स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है। अगर किसी महीने क्रेडिट मिस हो जाए, तो पासबुक/बैंक-एंट्री की कॉपी, UAN, PPO नंबर और KYC प्रूफ के साथ पेंशन सेल में शिकायत दर्ज करें। कई राज्यों में हेल्पडेस्क नंबर/ईमेल भी उपलब्ध रहते हैं। ध्यान रखें, अक्सर देरी का कारण बैंक-मैपिंग त्रुटि, IFSC बदलना या e-nomination अपूर्ण होना होता है। समय रहते इन्हें दुरुस्त करने से पहली किस्त बिना अड़चन के मिलना आसान हो जाता है।
पेंशनर्स की चेकलिस्ट: तुरंत तैयार करें ये 7 जरूरी काम
1) UAN लॉगिन चेक करें और पासवर्ड/मोबाइल अपडेट करें। 2) आधार-UAN सीडिंग की स्थिति “वेरिफ़ाइड” होनी चाहिए। 3) बैंक खाता, IFSC और नाम बैंक KYC में सही हों—पासबुक/कैंसल्ड चेक स्कैन रखें। 4) e-nomination पूरी करें—पति/पत्नी/निर्भर का नाम और आधार जोड़ें। 5) PPO नंबर, रिटायरमेंट ऑर्डर और सर्विस-हिस्ट्री की सॉफ्ट कॉपी सुरक्षित रखें। 6) उमंग ऐप इंस्टॉल करके “EPFO Pension” सेवाओं को फेवरेट करें, ताकि अलर्ट/स्टेटस तुरंत दिखें। 7) अगर आप स्थानांतरित हुए हैं, तो पते/शाखा परिवर्तन की एंट्री कराएँ। यह चेकलिस्ट न सिर्फ़ संभावित बढ़ोतरी के सुचारु क्रेडिट में मदद करेगी, बल्कि भविष्य के लाइफ-सर्टिफिकेट (Jeevan Pramaan) सीजन में भी प्रक्रिया तेज़ करेगी। शिकायत की स्थिति में ग्रिवेंस पोर्टल पर टिकट बनाते समय सभी डॉक्युमेंट्स एक ही पीडीएफ में जोड़ना बेहतर रहता है।
टैक्स, महँगाई और बजट: बढ़ी पेंशन का स्मार्ट उपयोग
बढ़ी हुई पेंशन को महँगाई से मात देने के लिए 3-बकेट रणनीति अपनाएँ—(i) आवश्यक खर्च: दवा, बीमा प्रीमियम, बिल; (ii) आपातकालीन फंड: 6–9 माह के खर्च तक; (iii) दीर्घकालीन लक्ष्य: सीनियर-सिटिजन FD/SCSS/पोस्ट-ऑफिस विकल्प। टैक्स-सेविंग के लिए 80C/80D जैसे सेक्शन की सीमा और आयु-आधारित छूट को ध्यान में रखें; फॉर्म-15H/15G की जरूरत हो तो बैंक में समय पर जमा करें। यदि आप संयुक्त परिवार में हैं, तो मेडिकल-फ्लोटर पॉलिसी और क्रिटिकल-इलनेस कवर पर पुनर्विचार फायदेमंद रहता है।
