8th Pay Commission Update – 8th Pay Commission की तैयारियों ने सरकारी कर्मचारियों में नई उम्मीद जगा दी है। खास बात यह है कि इस बार डीए (Dearness Allowance) जीरो रहने के बावजूद सैलरी में बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा। आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, बेसिक पे स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है, जिससे ग्रेड पे और लेवल-18 तक के अधिकारियों को भी तगड़ा फायदा होगा। पिछले वेतन आयोग की तुलना में इस बार 35% तक का समग्र वेतन वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। कई मंत्रालयों में कर्मचारियों की गणना शुरू हो चुकी है और जनवरी 2026 से इसे लागू करने की तैयारी जोरों पर है। अगर सरकार की मंजूरी जल्दी मिलती है, तो कर्मचारियों को 2025 के अंत तक ही नए वेतनमान का लाभ मिल सकता है। इससे निचले और ऊपरी दोनों लेवल के कर्मचारियों की आय में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा।

लेवल 1 से 18 तक कर्मचारियों के लिए भारी राहत
8th Pay Commission में सबसे बड़ा बदलाव वेतन संरचना के लेवल स्केल में किया गया है। लेवल 1 से लेकर लेवल 18 तक सभी कर्मचारियों के बेसिक पे में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। उदाहरण के तौर पर, लेवल 1 का बेसिक पे ₹18,000 से बढ़कर ₹26,000 तक पहुंच सकता है, जबकि लेवल 18 के अधिकारियों का वेतन ₹2.5 लाख से ₹3.4 लाख तक जा सकता है। यह सुधार इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें डीए को स्थायी रूप से शामिल करने की संभावना है। इससे सरकार पर अतिरिक्त बोझ कम होगा और कर्मचारियों की पेंशन व ग्रेच्युटी भी बढ़ेगी। कुल मिलाकर यह सुधार कर्मचारियों के लिए आर्थिक सुरक्षा और जीवन-स्तर दोनों में सुधार लाने वाला साबित होगा।
बिना डीए के भी बढ़ेगी सैलरी
सरकार ने इस बार वेतन निर्धारण के लिए एक नया फॉर्मूला अपनाने की बात कही है। इस फॉर्मूले में महंगाई भत्ते (DA) को मुख्य वेतन में समाहित करने का प्रस्ताव है, ताकि भविष्य में बार-बार डीए संशोधन की आवश्यकता न पड़े। इस कदम से डीए भले जीरो पर रुका रहेगा, लेकिन कर्मचारियों की सैलरी स्वतः बढ़ेगी। आयोग ने यह भी कहा है कि बेसिक पे को 3.68 फिटमेंट फैक्टर से संशोधित किया जा सकता है, जिससे निचले स्तर के कर्मचारियों को सीधा 35% तक की सैलरी वृद्धि मिलेगी। यह मॉडल ‘वन नेशन, वन पे-स्ट्रक्चर’ की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
2026 से लागू होने की पूरी संभावना
सरकार 2026 से पहले इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के मूड में नजर आ रही है। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनावों से पहले कर्मचारियों को इसका तोहफा दिया जा सकता है। वित्त मंत्रालय और DOPT की टीमें इस पर लगातार समीक्षा बैठकों में लगी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट 2025 के मध्य तक फाइनल कर प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंप दी जाएगी। अगर इसे 2026 के जनवरी वेतन में शामिल किया गया, तो लाखों कर्मचारियों की सैलरी में ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया जाएगा। इससे सरकारी सेवा को फिर से आकर्षक बनाने और प्राइवेट सेक्टर के मुकाबले प्रतिस्पर्धात्मक वेतन संरचना तैयार करने में मदद मिलेगी।
पेंशनर्स को भी मिलेगा फायदा
8th Pay Commission सिर्फ मौजूदा कर्मचारियों के लिए नहीं, बल्कि रिटायर्ड पेंशनर्स के लिए भी वरदान साबित हो सकता है। आयोग ने सिफारिश की है कि नई बेसिक पे संरचना के हिसाब से पेंशन राशि को भी बढ़ाया जाए। इसका मतलब यह है कि पेंशनर्स को हर महीने ज्यादा राशि मिलेगी और उनकी जीवन-यापन क्षमता में सुधार आएगा। साथ ही, ग्रेच्युटी और फैमिली पेंशन में भी बढ़ोतरी होगी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह फैसला खास राहत लाने वाला होगा क्योंकि डीए जीरो रहने पर भी उनकी पेंशन नई वेतन दरों के अनुसार ऑटोमैटिकली एडजस्ट हो जाएगी। इससे करोड़ों पेंशनर्स की खुशियों में नया इजाफा होगा।
