8th Pay Commission October – भारत सरकार ने अक्टूबर 2025 में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की प्रक्रिया शुरू करने का बड़ा ऐलान किया है। इस फैसले से करोड़ों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। 7वें वेतन आयोग के बाद अब कर्मचारी लंबे समय से वेतन पुनरीक्षण की मांग कर रहे थे। केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि नए आयोग का गठन जल्द ही किया जाएगा, जो कर्मचारियों के मूल वेतन, भत्तों और पेंशन में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी का मार्ग प्रशस्त करेगा। उम्मीद है कि 8वां वेतन आयोग 2026 से लागू हो सकता है, जिससे वेतन में 20% से 30% तक की बढ़ोतरी संभव है। कर्मचारियों का मानना है कि यह निर्णय न केवल आर्थिक राहत देगा बल्कि उनकी जीवनशैली में भी बड़ा सुधार लाएगा।

8वें वेतन आयोग की घोषणा से कर्मचारियों में उत्साह
केंद्रीय कर्मचारियों को लंबे समय से 8th Pay Commission की घोषणा का इंतज़ार था और आखिरकार अक्टूबर 2025 में सरकार ने इसका गठन शुरू करने के संकेत दिए। बताया जा रहा है कि इस आयोग में वित्त मंत्रालय, कार्मिक विभाग और अन्य संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इस आयोग का मुख्य उद्देश्य वेतन संरचना की समीक्षा करना, महंगाई दर को ध्यान में रखते हुए वेतन वृद्धि का प्रस्ताव देना और पेंशनधारकों के हितों की सुरक्षा करना है। इसके साथ ही सरकार यह भी विचार कर रही है कि भविष्य में हर 10 साल में नया आयोग अनिवार्य रूप से गठित किया जाए, जिससे कर्मचारियों को समय पर राहत मिलती रहे।
कब तक बनेगा आयोग और लागू होगी नई सैलरी?
सूत्रों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 2026 की शुरुआत तक पूरी की जा सकती है। इसके बाद रिपोर्ट पेश की जाएगी और मंजूरी के बाद नए वेतनमान 1 जनवरी 2027 से लागू हो सकते हैं। हालांकि, कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार इसे 2026 से ही लागू कर सकती है ताकि अगला आम चुनाव इससे पहले एक सकारात्मक माहौल बना सके। इस आयोग में वेतन बढ़ोतरी के अलावा डीए (Dearness Allowance) को भी नए फार्मूले से जोड़ा जा सकता है, जिससे हर छह महीने में बढ़ोतरी की प्रक्रिया और सरल हो जाएगी।
8th Pay Commission से कितना बढ़ेगा वेतन?
अभी अनुमान लगाया जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद कर्मचारियों के मूल वेतन में 25% से 35% तक की वृद्धि हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का वर्तमान वेतन ₹50,000 है तो नया वेतन ₹65,000 से ₹70,000 तक हो सकता है। इसके अलावा HRA, TA और अन्य भत्तों में भी समानुपातिक बढ़ोतरी की उम्मीद है। इससे सरकारी कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी और बाजार में मांग भी मजबूत होगी, जिससे अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट में क्या होगा खास?
रिपोर्ट में केवल वेतन वृद्धि ही नहीं बल्कि पेंशनभोगियों की सुविधाओं में सुधार, ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने और न्यूनतम वेतन को ₹26,000 से बढ़ाकर ₹30,000 करने का सुझाव भी शामिल हो सकता है। इसके अलावा आयोग सरकारी कर्मचारियों के वर्किंग ऑवर्स और प्रमोशन पॉलिसी में भी कुछ बदलाव प्रस्तावित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिपोर्ट भारत के सरकारी क्षेत्र को अधिक कुशल, प्रेरित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
